इंफोसिस के पूर्व डायरेक्टर टीवी मोहनदास पई (फाइल फोटो)
मुंबई: भले ही देश में स्टार्ट-अप के लिए तेजी से माहौल तैयार किया जा रहा है, लेकिन इंफोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पई का मानना है कि नई पीढ़ी की केवल 10 प्रतिशत कंपनियां सफल रहेंगी, जबकि ज्यादातर कंपनियां विफल होंगी। पई ने कहा कि यदि सरकार इन स्टार्ट-अप के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार करे तो ये देश में रोजगार के अवसरों का सृजन करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बमुश्किल करीब 10 प्रतिशत स्टार्ट-अप्स बहुत अच्छा काम करेंगे, करीब 25 प्रतिशत ठीक-ठाक काम करेंगे और बाकी विफल हो जाएंगे। पई ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'डिजिटल इंडिया' पहल सिरे चढ़ती है, तो अगले 10 साल में एक लाख से अधिक स्टार्ट-अप्स के लिए माहौल बनेगा और 35 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे एवं बाजार 500 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा, डिजिटल इंडिया भारत के बदलाव के लिए सबसे बड़ा प्रयोग है। इस पहल के सफल होने के लिए ज्यादातर भारतीयों को बेतार के उपकरणों से जोड़ा जाना चाहिए और कक्षा छह या इससे ऊपर के विद्यार्थियों को एक टैब के साथ इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो अगले 15 साल में भारत की तस्वीर बदल जाएगी।