खास बातें
- प्याज की कीमत में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के विरोध में दिल्ली के थोक प्याज व्यापारी बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
नई दिल्ली: प्याज की कीमत में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के विरोध में दिल्ली के थोक प्याज व्यापारी बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। आयकर अधिकारियों ने सोमवार को आजादपुर की थोक सब्जी मंडी के साथ पूरी दिल्ली में प्याज व्यापारियों पर छापे मारे। ये छापे पूरे देश में कीमतों में हुई वृद्धि को कम करने के लिए प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए मारा गया है। चैम्बर ऑफ आजादपुर फ्रुट एंड वेजीटेबल्स ट्रेडर के महासचिव राजन शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि वे मंगलवार दोपहर से ही हड़ताल पर हैं। वे व्यापारियों को जमाखोर बताए जाने से दुखी हैं। इसके साथ ही उनपर छापा भी मारा जा रहा है। उन्हें दुखी करने के बाद उनका अपमान भी किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि सरकार उन्हें जिम्मेदार ठहराकर मुख्य मुद्दे से ध्यान हटाना चाहती है। शर्मा ने कहा कि वे सरकार को छापा मारने से रोक नहीं रहे। लेकिन छापा मारने का कोई कारण होना चाहिए। यदि व्यापारी कर का भुगतान नहीं करें या कोई अपराध करे तो उनपर छापा मारा जाना चहिए। उन्होंने कहा कि सोमवार को 10 से 15 व्यापारियों पर छापा मारा गया, लेकिन किसी को भी जमाखोरी करते नहीं पाया गया। महाराष्ट्र के नासिक में बेमौसमी बरसात के बाद फसल चौपट होने के कारण पूरे देश में प्याज की कीमत अचानक बढ़ गई। अधिकारी अब इसके और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए जमाखोरी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। आयकर अधिकारियों ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में इस तरह के छापे मारे थे। दिल्ली में थोक बाजार में प्याज की कीमत 40-47 रुपये प्रति किलो और खुदरा बाजार में लगभग 60 रुपये प्रति किलो पर चल रही है।