खास बातें
- पेट्रोल के दाम में पिछले दिनों की गई 7.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी के जबरदस्त विरोध के बाद तेल कंपनियों ने इसके दाम में 2 रुपये की कमी कर दी है।
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के कारण तेल विपणन कम्पनियों ने शनिवार को पेट्रोल की कीमत दो रुपये घटा दी। इससे सरकार को थोड़ी राहत मिली, जिसे 10 दिनों पहले कीमत बढ़ने के कारण कटु आलोचना का सामना करना पड़ रहा था।
सरकारी की कुछ सहयोगी और विपक्षी पार्टियां हालांकि इस कटौती से संतुष्ट नहीं हैं और मूल्य में हुई वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग कर रही हैं।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 6.28 रुपये घटा दी थी, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि थी। इस वृद्धि में राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क शामिल नहीं हैं।
रियायती मूल्य पर बेचने से होने वाले नुकसान को कम करने, अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी और रुपये के अवमूल्यन के कारण कीमत बढ़ाई गई थी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत कम होने के कारण तेल कम्पनी ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 1.68 रुपये कम की है। अक्टूबर के बाद पहली बार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है।
तेल कम्पनी ने कहा कि अन्य राज्यों में तेल कीमत में गिरावट वहां के कर के अनुरूप होगा और वह दिल्ली में हुई गिरावट के समान नहीं होगा।
दिल्ली में इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने शनिवार को कहा कि वह शनिवार मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 2.02 रुपये घटा देगी। इसमें राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला शुल्क भी शामिल है।
राजधानी में अभी पेट्रोल की कीमत 73.18 रुपये प्रति लीटर है, जो शनिवार मध्य रात से 71.16 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।
तेल कम्पनियों की 23 मई की कीमत समीक्षा के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 7.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थी।
कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपये कटौती का स्वागत किया, लेकिन इसे कीमत में हुई वृद्धि की वापसी नहीं कहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कीमत में कटौती को खारिज किया और 23 मई को मूल्य में हुई 6.28 रुपये की वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग की।
केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने एक निजी चैनल से कहा, "यह सकारात्मक कदम है, लेकिन कीमत वृद्धि की वापसी नहीं है। इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ईंधन के मूल्य को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए कीमत में कटौती का फैसला लिया।
भाजपा ने इस कदम को खारिज किया। निजी चैनल से भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "पेट्रोल मूल्य में आंशिक कटौती हमें स्वीकार नहीं है।"
कांग्रेस की सहयोगी डीएमके ने भी कहा कि पेट्रोल कीमत और घटाई जानी चाहिए। डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने चैनल से कहा, "यह थोड़ी राहत है। आम आदमी पर बोझ अभी भी काफी अधिक है।"