खास बातें
- वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री से सम्बंधित मुकदमे का सामना कर रही याहू इंडिया ने दिल्ली की एक अदालत से कहा कि उसके खिलाफ मुकदमा निजी हित से प्रेरित है।
नई दिल्ली: वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री से सम्बंधित मुकदमे का सामना कर रही याहू इंडिया ने दिल्ली की एक अदालत से कहा कि उसके खिलाफ मुकदमा निजी हित से प्रेरित है और इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए।
याहू इंडिया ने अदालत के निर्देश का जवाब देते हुए कहा, "यह मुकदमा पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।" अदालत ने 21 सोशल नेटवर्किं ग तथा अन्य वेबसाइटों को निर्देश दिया था कि वह आपत्तिजनक सामग्री हटाए। न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने छह फरवरी की सुनवाई में वेबसाइटों को निर्देश दिया था कि वे 15 दिनों के भीतर लिखित बयान दाखिल करें। साथ ही अदालत ने वेबसाइटों को आपत्तिजनक सामग्री दिखाने पर चेतावनी दी थी। मंगलवार को बयान दाखिल करने का आखिरी दिन था। याहू इंडिया ने अपना बयान 17 फरवरी को दाखिल किया था।