यह ख़बर 29 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

'फिस्कल क्लिफ' : अमेरिका में 1 जनवरी से क्या होगा?

खास बातें

  • 'फिस्कल क्लिफ' से बचने के लिए यदि समझौता नहीं हो पाया, तो अगले साल की शुरुआत से ही स्वत: कर वृद्धि और खर्च में कटौती की व्यवस्था लागू हो जाएगी और इसके कारण अमेरिका फिर से मंदी का शिकार हो सकता है।
वाशिंगटन:

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका को 'फिस्कल क्लिफ' की संभावना से बचाने के लिए सप्ताह भर से चल रही बहसबाजी के बीच राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अंतिम समय में कोई हल निकालने के लिए सीनेट नेताओं की ओर रुख किया है।

'फिस्कल क्लिफ' से बचने के लिए यदि समझौता नहीं हो पाया, तो अगले साल की शुरुआत से ही स्वत: कर वृद्धि और खर्च में कटौती की व्यवस्था लागू हो जाएगी और इसके कारण अमेरिका फिर से मंदी का शिकार हो सकता है।

व्हाइट हाउस में शुक्रवार को एक राजनीतिक सम्मेलन के बाद फिस्कल क्लिफ से देश को बचाने के लिए एक समझौते पर पहुंचने की जिम्मेदारी सीनेट नेताओं पर छोड़ दी गई है। उच्च-स्तरीय बैठक के बाद ओबामा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नेता किसी समझौते पर पहुंचने में कामयाब होंगे। उन्होंने साथ ही सावधान किया कि समझौता किसी भी पक्ष के लिए 100 फीसदी अनुकूल नहीं रहेगा। ओमाबा ने कहा कि किसी समझौते की अनुपस्थिति में इस मुद्दे पर मतदान होना चाहिए।

ओबामा की योजना के मुताबिक अमेरिका के मध्य वर्ग के लिए कर में वृद्धि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उन लोगों को मध्य वर्ग कहा, जिनकी पारिवारिक आय 2,50,000 डॉलर है। ओबामा के मुताबिक इससे ऊपर की पारिवारिक आय वालों के लिए कर वृद्धि होने दी जा सकती है।

सीनेट में डेमोक्रेट के बहुमत के नेता हैरी रीड ने संवाददाताओं से शुक्रवार को कहा कि अगले 24 घंटे इस समझौते के लिहाज से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। रिपब्लिकन नेता सीनेटर मिच मैक्कोनेल ने उम्मीद जताई कि रविवार तक उनके और रीड के बीच समझौता हो जाएगा।

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इस मामले में सर्वाधिक विवादित मुद्दा कर कटौती का है, जो पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल में लागू हुआ था। डेमाक्रेट चाहते हैं कि अधिकतर कर कटौती लागू रहे और 1990 के दशक में लगने वाला ऊंचा कर सिर्फ उच्च आय वर्ग के लोगों पर लगाया जाए, जबकि रिपब्लिकन नेता कर में कोई वृद्धि नहीं चाहते हैं।