खास बातें
- राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन का मत है कि अमेरिका से नौकरियां भारत भेजे जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित किया गया है।
वाशिंगटन: राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन का मत है कि अमेरिका से नौकरियां भारत भेजे जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित किया गया है। दरअसल, भारत-अमेरिका व्यापार तथा आर्थिक संबंध एक ऐसी दोतरफा प्रक्रिया है जिसका किसी एक के पक्ष में झुकाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग में आर्थिक, ऊर्जा और कृषि मामलों के उपमंत्री डी हारमैट्स ने चैनल सीबीएस न्यूज से कहा, मुझे लगता है कि नौकरियों की आउटसोर्सिंग किए जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़कार प्रस्तुत किया गया है। उनसे अमेरिकी नौकरियों के आउटसोर्स किए जाने के संबंध में भारत के प्रति धारणा के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि लोग आउटसोर्सिंग पर चर्चा करते हैं लेकिन वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं करते कि हम भारत को कितना अधिक निर्यात करते हैं। पिछले 12 महीने में भारत ने अमेरिका से किए जाने वाले आयात में 17 फीसद वृद्धि की है। होरमैट्स ने कहा कि भारतीय निवेश यहां हो रहा है और इसमें धीरे-धीरे तेजी आ रही है। कई बड़ी भारतीय कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। इससे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। भारत के विकास को संतुलित बताते हुए उन्होंने कहा, भारत की आर्थिक वृद्धि का जो मॉडल है, वह कई देशों के मुकाबले काफी संतुलित है। भारत ऐसा देश नहीं है जिसका विकास मॉडल निर्यातोन्मुख वृद्धि पर आधारित है जैसा कि हम कछ देशों के मामले में देखते हैं।