नई दिल्ली: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने बाजार के इक्विटी ‘विकल्प’ श्रेणी में सौदों के लेनदेन शुल्क में 40 प्रतिशत तक रियायत देने की अवधि तीन माह बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी है. एनएसई के इस कदम से इस श्रेणी में तरलता बढ़ने की उम्मीद है.
एनएसई के जारी सर्कुलर में यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि शेयर बाजार प्रशासन ने कारोबारियों से मिली प्रतिक्रिया के बाद यह निर्णय लिया है.
एनएसई ने जून में इक्विटी के ‘विकल्प’ कारोबारी वर्ग में सौदों के तहत लेन देन शुल्क में संशोधन किया था. यह संशोधन 1 जुलाई से 30 सितंबर तक किया गया जिसे बाद में 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया और अब यह 31 मार्च तक जारी रहेगी. इक्विटी विकल्प (ऑप्शन) सौदों के तहत बाजार सीधे लेनदेन शुल्क पर 40 प्रतिशत की छूट देता है. यह रियायत हर माह 1,500 करोड़ रुपये से ऊपर होने वाले प्रीमियम मूल्य पर दी जाती है.
इसके अलावा हर माह 750 करोड़ से 1,500 करोड़ के बीच के कारोबार पर 20 प्रतिशत और 500 से 750 करोड़ के कारोबार पर 10 प्रतिशत शुल्क रियायत दी जाती है. एनएसई की विकल्प श्रेणी में कारोबार बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह पहल की गई है.
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