नई दिल्ली: आयकर विभाग ने ई-मेल के जरिये जोटिस भेजने की नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय किया है, जिसका करदाता इलेक्ट्रॉनिक रूप में जवाब दे सकते हैं। इससे करदाताओं और कर अधिकारियों के आमने-सामने आने की जरूरत नहीं होगी, जिसको लेकर अक्सर परेशान किए जाने की शिकायत की जाती है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) जरूरी प्रक्रिया पूरी करने और क्षमता सृजित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। सीबीडीटी की चेयरपर्सन अनीता कपूर ने कहा, हम यह सोच रहे हैं कि कैसे करदाताओं के जीवन को आसान बनाया जाए। खासकर उन लोगों के लिए जो मध्यम और थोड़े उच्च श्रेणी में आते हैं। इसीलिए हम यह अनुमति देने पर सोच रहे हैं कि जब किसी आकलन या जांच के मामले में नोटिस जारी किया जाए, करदाता विभाग को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जवाब दे सके।
उन्होंने कहा, हम इस बारे में सुरक्षा संबंधी कुछ मुद्दों के समाधान की कोशिश कर रहे हैं, उसके बाद इसे क्रियान्वित किया जा सकता है। अगर करदाता विभाग को अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में उपयुक्त ई-मेल पता देता है, बोर्ड उसे ई-नोटिस भेज सकेगा और पोस्ट से दस्तावेज भेजने की आवश्यकता नहीं होगा, जिसके लिए करदाता को आकलन अधिकारी (एओ) से मिलने की जरूरत होती है।