यह ख़बर 20 सितंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एचएमटी की घड़ियां अब डाकघरों में भी मिलेंगी

खास बातें

  • कलाई घड़ियों की प्रमुख निर्माता कंपनी एचएमटी ने डाक विभाग से गठजोड़ करते हुए डाकघरों के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री आरंभ की है।
देहरादून:

कलाई घड़ियों की प्रमुख निर्माता कंपनी एचएमटी ने डाक विभाग से गठजोड़ करते हुए डाकघरों के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री आरंभ की है। यहां के जनरल पोस्ट ऑफिस में एचएमटी घड़ियों के एक काउन्टर का उत्तराखंड के चीफ पोस्टमास्टर जनरल एमएस रामानुजम और एचएमटी के प्रबंध निदेशक एस पॉलराज ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। डाकघर की कर्मचारी भागीरथी कुकरेती काउंटर से खरीददारी करने वाली पहली ग्राहक बनीं, जिन्हें पॉलराज ने घड़ी प्रदान की।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पॉलराज ने बताया कि डाकघर विभाग के माध्यम से एचएमटी घड़ियों की बिक्री अक्टूबर 2010 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से की गई थी और असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के बाद उत्तराखंड इस क्रम में सातवां राज्य है। उन्होंने बताया कि एचएमटी की योजना डाकघरों के सघन नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में खासतौर से ग्रामीण इलाकों तक में पैठ बनाने की है और अगले महीने मध्य प्रदेश में भी घड़ियों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी।

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पॉलराज ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में डाक विभाग की 1 लाख 50 हजार शाखाओं का प्रयोग कर एचएमटी न केवल बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में सफल होगी, बल्कि ग्राहकों को सस्ती कीमत पर अच्छा उत्पाद भी उपलब्ध कराएगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि एचएमटी डाकघरों के माध्यम से अब तक 10,000 घड़ियों की बिक्री कर चुकी है। उन्होंने बताया कि डाकघरों में बनाए गए काउंटरों में 400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की घड़ियों के मॉडल उपलब्ध हैं। पॉलराज ने बताया कि डाकघरों के बाद अब कंपनी राज्य सरकारों के शोरूम और कुटीर उघोगों के माध्यम से भी अपनी घड़ियों की बिक्री की योजना बना रही है। एक सवाल के जवाब में पॉलराज ने बताया कि एचएमटी नुकसान में चल रही है और उससे उबरने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।