खास बातें
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने शनिवार को इस सम्भावना से इनकार किया कि सरकार तेल विपणन कम्पनियों को समय-समय पर डीजल मूल्य वृद्धि की दी गई अनुमति को वापस लेगी।
जयपुर: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने शनिवार को इस सम्भावना से इनकार किया कि सरकार तेल विपणन कम्पनियों को समय-समय पर डीजल मूल्य वृद्धि की दी गई अनुमति को वापस लेगी।
विपक्षी और सरकार की कुछ सहयोगी पार्टियां मांग कर रही हैं कि डीजल मूल्य को आंशिक रूप से नियंत्रण मुक्त करने के फैसले को वापस लिया जाए।
यह पूछने पर कि क्या सरकार इस बारे में विचार कर रही है, मोइली ने कहा, "सिर्फ भारत में ही डीजल की कीमत नियंत्रित है। हमें डॉलर का भुगतान करना होता है और अरबों खरबों का भुगतान किया गया है। यदि इसी तरह से भुगतान किया जाता रहा, तो देश कंगाल हो जाएगा।"
वर्ष 2012-13 में 1,60,000 करोड़ रुपये के अनुमानित ईंधन रियायत में डीजल की 59 फीसदी हिस्सेदारी है। रेलवे और राज्य परिवहन संचालकों को बेचे जाने वाले डीजल की कीमत बढ़ाने से रियायत का बोझ लगभग 12,900 करोड़ रुपये तक घट जाने का अनुमान है।
तेल विपणन कम्पनियों को एक निश्चित अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तब तक डीजल की कीमत बढ़ाने की अनुमति दी गई है, जब तक कि प्रति लीटर 9.60 रुपये के होने वाले नुकसान की भरपाई न हो जाए।