यह ख़बर 08 जनवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

जीएमआर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है राजमार्ग प्राधिकरण

खास बातें

  • जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद परियोजना से हाथ खींचने की घोषणा की है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कहा कि वह फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है।
नई दिल्ली:

जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद परियोजना से हाथ खींचने की घोषणा की है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कहा कि वह फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है।

जीएमआर इनफ्रा को इस परियोजना का ठेका 16 महीने पहले मिला था। परियोजना के लिए 5,387 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। कंपनी ने 26 साल के लिए 636 करोड़ रुपये सालाना प्रीमियम की पेशकश के साथ इस परियोजना का ठेका हासिल किया था।

एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम मामले की समीक्षा कर रहे हैं और विशेषज्ञों की राय के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। इस बीच जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा है कि उसने किशनगढ़, उदयपुर, अहमदाबाद राजमार्ग के निर्माण के लिए एनएचएआई के साथ अपने अनुबंध को समाप्त कर दिया है।

कंपनी ने बीएसई को सूचित किया है, उसकी अनुषंगी जीमएआर किशनगंज, उदयपुर, अहमदाबाद एक्सप्रेसवे लिमिटेड ने एनएचएआई के साथ रियायती समझौते को रद्द कर दिया है। यह समझौता किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद राजमार्ग को छह लेन का करने के लिए किया गया था।

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वहीं कंपनी सूत्रों का कहना है कि जीएमआर ने परियोजना में नियामकीय बाधाओं को देखते हुए यह फैसला किया है। इन बाधाओं में पर्यावरण संबंधी मंजूरियां हासिल करने में विलंब और भूमि अधिग्रहण को लेकर समस्याएं शामिल हैं।