खास बातें
- एयर इंडिया द्वारा नए पायलटों की भर्ती करने के निर्णय की परवाह न करते हुए हड़ताली पायलटों ने बुधवार को कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
नई दिल्ली: एयर इंडिया द्वारा नए पायलटों की भर्ती करने के निर्णय की परवाह न करते हुए हड़ताली पायलटों ने बुधवार को कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। पायलटों की हड़ताल तीस दिन से चल रही है।
करीब 400 पायलटों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मुश्किलों का सामना कर रही एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों के सुचारु संचालन के लिए नए पायलटों की नियुक्ति करने का फैसला किया है।
इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) की समिति के सदस्य रोहित कपाही ने कहा, "हम भविष्य के विषय में सोचकर यह कर रहे हैं। हमारी अब केवल दो मांगें हैं, हमारे संघ को मान्यता दी जाए एवं बर्खास्त 101 पायलटों को बहाल किया जाए। इसके बाद हम काम पर वापस आने एवं सरकार के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए तैयार होंगे।"
आईपीजी ने कहा है कि बर्खास्त पायलटों को बहाल न किए जाने से एयरलाइन को नुकसान होगा क्योंकि 400 पायलटों के प्रशिक्षण पर 400-450 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
एक हड़ताली पायलट ने कहा, "एयर इंडिया एक पायलट के प्रशिक्षण पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करती है। जब तक यह गतिरोध खत्म नहीं होता तब तक इसकी भरपाई नहीं हो सकती। निजी एयरलाइंस हमें नौकरियां दे देंगी। लेकिन सिर्फ पैसे या किसी अन्य चीज के लिए यहां नहीं हैं। हमें हमारा अधिकार मिले और एयर इंडिया में स्वच्छ एवं निष्पक्ष ढंग से काम करने का वातावरण बने।"
हड़ताली पायलटों ने मुम्बई में जुलूस भी निकाला।
नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार से पायलटों को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। हम जल्द ही इन पदों के लिए विज्ञापन देंगे।"
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद बर्खास्त 101 पायलटों को या तो त्याग पत्र देना पड़ेगा या फिर अपने पद पर वापस आने के लिए फिर से आवेदन करना होगा।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने पहले ही उन्हें काम पर वापस आने के लिए कहा था। उनसे कहा गया था कि किसी को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। हमने बर्खास्त पायलटों को काम पर वापस आने का मौका दिया था। लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उनके सामने दो विकल्प रहेंगे या तो वे काम पर वापस आएं या फिर से आवेदन करें।"
इस वक्त विमानन कम्पनी के पास 90 प्रशिक्षु पायलट हैं, जिनमें से 60 पहले ही प्रशिक्षण पर हैं। वे नियमित उड़ान के लिए चार-पांच महीने बाद ही उपलब्ध हो पाएंगे।
एयर इंडिया के करीब 400 पायलट पिछले 30 दिन से हड़ताल पर हैं। प्रबंधन और मंत्री की अपील के बावजूद उन्होंने काम पर लौटने से मना कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयर इंडिया को 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान सुचारु बनाने में पांच से छह महीने लगेंगे।