खास बातें
- नए बैंकिंग लाइसेंसों के दिशानिर्देशों का मसौदा इस माह के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसमें उद्योग घरानों के लिए बैंकिंग क्षेत्र में उतरने का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नए बैंकिंग लाइसेंसों के दिशानिर्देशों का मसौदा इस माह के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसमें उद्योग घरानों के लिए बैंकिंग क्षेत्र में उतरने का प्रावधान होगा। वित्तीय सेवा सचिव एसके शर्मा ने फिक्की के बीमा पर राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर पत्रकारों से कहा, दिशानिर्देशों के मसौदे को इस माह के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मसौदा 31 मार्च तक जारी होना था पर हमें इसमें और समय लगा है, क्योंकि कुछ मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या मसौदे में उद्योग घरानों का उल्लेख होगा, उन्होंने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता। वित्त वर्ष 2010-11 के बजट में घोषणा की गई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों को परंपरागत बैंकिंग लाइसेंस देने पर विचार करेगा। इसके बाद अगस्त, 2010 में रिजर्व बैंक ने इस पर परिचर्चा पत्र निकाला था। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के नए चेयरमैन के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि सरकार ने अभी इस पर फैसला नहीं किया है। हालांकि इस तरह की खबरें हैं कि एलआईसी के प्रबंध निदेशक डीके मल्होत्रा को कंपनी का चेयरमैन बनाया जा सकता है। एलआईसी के चेयरमैन टीएस विजयन का पांच साल का कार्यकाल मई, 2011 में पूरा हो रहा है। हालांकि, विजयन के पास अभी सेवा का दो साल का समय बचा है। सरकार एलआईसी के चेयरमैन का कार्यकाल बढ़ा सकती है। इससे पहले इसी महीने यूनियन बैंक आफ इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एमपी नायर को तीन माह का विस्तार दिया गया है। सरकार के नियमों के अनुसार, किसी सार्वजनिक इकाई में चेयरमैन का कार्यकाल पांच साल या 60 साल की आयु जो भी पहले पूरी हो रही है, होता है।