यह ख़बर 06 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

दिल्ली, चेन्नई में बनेंगे नए विमानन केंद्र

खास बातें

  • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बुनियादी ढांचा पर उच्च स्तरीय बैठक में अगले वित्त वर्ष तक दिल्ली और चेन्नई में दो नए विमानन केंद्र (एयरलाइंस हब) स्थापित करने का निर्णय किया गया जो कि भारत को एक प्रमुख गंतव्य और पारगमन बिंदु के तौर पर स्थापित करे
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बुनियादी ढांचा पर उच्च स्तरीय बैठक में अगले वित्त वर्ष तक दिल्ली और चेन्नई में दो नए विमानन केंद्र (एयरलाइंस हब) स्थापित करने का निर्णय किया गया जो कि भारत को एक प्रमुख गंतव्य और पारगमन बिंदु के तौर पर स्थापित करेंगे।

बैठक में निर्णय किया गया कि इस संबंध में विमानन नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

विमानन संबंधी बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिये वित्त पर्ष 2012-13 में नवीम, मुंबई, गोवा तथा कन्नूर में तीन नई परियोजनाएं लगाई जाएंगी।

बैठक में बिजली, कोयला, विमानन, जहाजरानी तथा सड़क परिवहन जैसे बुनियादी ढांचा से संबद्ध मंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य देश में निवेश धारणा को मजबूत करना है।

जुलाई अंत तक 10-12 मौजूदा हवाई अड्डों तथा 10-12 नए हवाई अड्डों के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

हवाई अड्डा प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिये कुल 2,100 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।