खास बातें
- निवेशकों के लिए शेयर आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध हैं, हालांकि ऊंची मुद्रास्फीति और कमजोर वैश्विक बाजारों को लेकर वे चिंतित हैं।
New Delhi: शेयर बाजार इस सप्ताह कुछ मजबूती से पहले गोता लगा सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो बाजार रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले तेजी के उत्प्रेरक के लिए वैश्विक बाजारों पर नजर रखेगा। जियोजित बीएनपी परिबा के प्रमुख (वित्तीय विश्लेषण) एलेक्स मैथ्यू ने कहा, कमजोर वैश्विक रुख को देखते हुए सोमवार को बाजार खुलने पर निवेशकों को गिरावट देखने को मिल सकती है। बाजार 16 सितंबर को आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के परिणाम का सामना करने के लिए कमर कस रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों के लिए शेयर आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध हैं, हालांकि ऊंची मुद्रास्फीति और कमजोर वैश्विक बाजारों को लेकर वे चिंतित हैं। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के सहायक उपाध्यक्ष पराग डॉक्टर ने कहा, हमें बाजार में मामूली तेजी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि बैंकिंग, वाहन, प्रौद्योगिकी, रीयल एस्टेट में ज्यादातर शेयर आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध हैं। हालांकि, अमेरिका में अनिश्चितता निवेशकों की धारणा प्रभावित कर सकती है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश नए रोजगार सृजन करने में विफल रहा और अगस्त में उसकी बेरोजगारी दर 9.1 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। इससे वहां का सूचकांक डाउ जोन्स इंडस्ट्रीयल एवरेज शुक्रवार को 250 अंक टूटकर 11,240.26 अंक पर बंद हुआ। इधर, खाद्य मुद्रास्फीति 20 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में फिर से दहाई अंक में पहुंच गई और 10.05 प्रतिशत पर रही। वहीं जुलाई के लिए सकल मुद्रास्फीति 9.22 प्रतिशत रही। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 972.63 अंक की बढ़त दर्ज की गई और गत शुक्रवार को यह 16,821.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 292.20 अंक की बढ़त के साथ 5,040 अंक पर बंद हुआ।