नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया 6 फरवरी को नई कॉम्पैक्ट कार 'सेलेरियो' पेश करने की तैयारी कर रही है, जो ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की सुविधा से युक्त होगी।
कंपनी ने ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों के तीन प्रमुख मुद्दों - अधिक लागत, माइलेज और रखरखाव खर्च पर काफी काम किया है, जिससे यह कार बेहतर माइलेज के साथ ही वाजिब कीमत में उपलब्ध हो सकेगी और इसका रखरखाव खर्च भी कम होगा।
मारुति सुजुकी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) मयंक पारीक ने कहा, हमने सोचा कि यदि हम इन तीन मुद्दों से निपट सके, तो हम बड़ी संख्या में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन कारों की चाहत रखने वाले ग्राहकों को आकर्षित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी के शोरूम आने वाले करीब 25 प्रतिशत ग्राहक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों के बारे में पूछताछ करते हैं, लेकिन उक्त मुद्दों के चलते इनमें से बहुत ही कम ग्राहक ऑटोमैटिक गियर शिफ्ट वाली कारों को खरीदते हैं।
पारीक ने कहा, सेलेरियो को विकसित करने में करीब 570 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और हमने अपनी ईजेडड्राइव प्रौद्योगिकी के जरिये इन मुद्दों को हल किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हाथ से गियर बदलने वाली कार के मुकाबले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन संस्करण 1.10 लाख रुपये तक महंगी है।