खास बातें
- मारुति सुजुकी के मानेसर संयंत्र में कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। गतिरोध खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं।
नई दिल्ली: मारुति सुजुकी के मानेसर संयंत्र में कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। गतिरोध खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं। साथ ही प्रबंधन ने कहा कि उसका कुल उत्पादन कल के मुकाबले कम होगा। सुजुकी पावरट्रेन इंडिया लिमिटेड (एसपीआईएल) और सुजुकी मोटरसाईकिल इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के कर्मचारियों की मानेसर संयंत्र के अपने सहयोगियों के समर्थन में की गई हड़ताल जारी है। मारुति सुजुकी इंडिया के प्रवक्ता ने कहा मानेसर संयंत्र कर्मचारियों की गिरफ्त में है। वहां उत्पादन संभव नहीं है। एसपीआईएल के असर के कारण गुड़गांव में उत्पादन कल के मुकाबले भी कम होगा। सोमवार को कंपनी ने कहा कि गुड़गांव संयंत्र में करीब 1,800 वाहनों का उत्पादन किया गया जबकि आमतौर पर वहां 2,800 वाहनों को उत्पादन होता है। एसपीआईएल मानेसर और गुड़गांव संयंत्र को विभिन्न कारों के मॉडल के लिए ईंजन और ट्रांसमिशन उपरकणों की आपूर्ति करती है। बयान में कहा गया कि मारुति प्रबंधन का दावा है कि कर्मचारी कंपनी के प्रबंधकों, सुपरवाईजरों और हड़ताल का समर्थन नहीं करने वाले सहयोगियों के साथ मारपीट करने जैसी हिंसक गतिविधि में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा उन्होंने उपकरण और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इस स्थिति में संयंत्र में उत्पादन ठप्प है। मारुति के मानेसर संयंत्र के कर्मचारियों शुक्रवार (सात अक्तूबर) अपराह्न से कंपनी में रहते हुए हड़ताल पर चले गए। मानेसर संयंत्र में करीब 2,000 कर्मचारी हड़ताल पर हैं इसमें सभी तरह के कर्मचारी हैं जिसमें नियमित, अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारी और प्रशिक्षु शामिल हैं।