खास बातें
- मारुति को एक नोटिस जारी करके पूछा गया है कि उसकी एक कार मॉडल स्विफ्ट डिजायर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर एयरबैग्स क्यों नहीं खुला।
New Delhi: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी को एक नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उससे पूछा गया है कि उसकी एक कार मॉडल स्विफ्ट डिजायर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर एयरबैग्स क्यों नहीं खुला। भारतीय सेना के कानूनी अधिकारी मेजर राहुल सोनी ने कम्पनी को यह नोटिस भेजा है। उनकी कार स्विफ्ट डिजायर जेडडीआई आठ दिसम्बर को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उनकी कार में दो एयरबैग्स लगे थे। कायदे से उनकी कार के दुर्घटनाग्रस्त होते ही सीट के आगे लगे दोनों एयरबैग्स खुल जाने चाहिए थे, ताकि किसी को कोई नुकसान नहीं हो। इस खास सुविधा वाले कार की कीमत इस मॉडल की साधारण कारों से 1.5 लाख रुपये अधिक है। सोनी की कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दोनों में से कोई एयरबैग नहीं खुला और कार में मौजूद दो व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गये। कार में उनके छोटे भाई, उसके एक मित्र और चालक बैठे थे। उनकी कार राजस्थान की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने ईमेल से कहा कि कम्पनी ने ग्राहक को उसकी नोटिस का जवाब भेजकर बताया है कि किन-किन परिस्थितियों में एयरबैग्स काम नहीं करता है। कम्पनी ने कहा कि ग्राहक को दिए गए सर्विस बुकलेट तथा अन्य दस्तावेजों में एयरबैग्स से जुड़ी सभी शर्तो का उल्लेख है। सोनी का कहना है कि कम्पनी की खराब इंजीनियरिंग एयरबैग्स के काम नहीं करने के लिए जिम्मेदार है। सोनी ने कहा कि कम्पनी ने 10 दिसम्बर 2010 की भेजे गए नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि वह कुछ नहीं कर सकती और यदि एयरबैग्स समय पर नहीं खुला, तो कम्पनी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। सोनी ने कहा कि यात्रा से एक दिन पहले उन्होंने अपनी कार की सर्विसिंग मारुति के अधिकृत केंद्र पर कराई थी। सोनी ने कहा कि वह कम्पनी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और कुछ ही दिनों में उपभोक्ता अदालत में एक मामला दायर करेंगे। इसके लिए सभी तरह की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।