यह ख़बर 04 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

लगातार पांचवें सप्ताह बाजार में रही तेजी

खास बातें

  • निवेशकों में इस उम्मीद से उत्साह रहा कि पिछले कुछ महीने से जारी आर्थिक सुस्ती समाप्त हो चुकी है और अब विदेशी निवेश में वृद्धि होगी।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों में लगातार पांचवें सप्ताह तेजी दर्ज की गई। निवेशकों में इस उम्मीद से उत्साह रहा कि पिछले कुछ महीने से जारी आर्थिक सुस्ती समाप्त हो चुकी है और अब विदेशी निवेश में वृद्धि होगी।

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 2.15 फीसदी या 370.98 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 17,604.96 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले सप्ताह 17,233.98 अंक पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.32 फीसदी या 121.15 अंकों की तेजी के साथ इस सप्ताह शुक्रवार को 5,325.85 पर बंद हुआ।

इस साल की शुरुआत से शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है। सेंसेक्स में तीन फरवरी तक 13.91 फीसदी या 2,150.04 अंकों की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी में भी इसी अवधि में 15.17 फीसदी या 701.55 अंकों की तेजी रही।

विदेशी पूंजी की आवक बढ़ने से रुपये के मूल्य में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे निवेशकों की चिंता थोड़ी कम हुई है। रुपया शुक्रवार को तीन महीने के ऊपरी स्तर 48.68 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

इस साल विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में दो अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

बाजार में तेजी में भारतीय रिजर्व बैंक के इस संकेत ने भी असर दिखाया कि आगे वह विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। रिजर्व बैंक ने जनवरी में मौद्रिक समीक्षा में नकद आरक्षी अनुपात में 50 आधार अंकों की कटौती की थी और इसे छह फीसदी से घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया था।

इस सप्ताह सेंसेक्स में सर्वाधिक तेजी भारती एयरटेल के शेयरों में रही। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2जी मामले में 122 लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद इसके शेयरों में काफी तेजी देखी गई। एयरटेल के शेयर इस सप्ताह 7.8 फीसदी तेजी के साथ 388.60 रुपये पर बंद हुए।

सेंसेक्स में इस सप्ताह तेजी में रहने वाले अन्य शेयरों में रहे हिंडाल्को इंडस्ट्री (6.7 फीसदी), टीसीएस (6.2 फीसदी), टाटा मोटर्स (6.0 फीसदी) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (5.2 फीसदी)।

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सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भेल (7.1 फीसदी), कोल इंडिया (5.6 फीसदी) और आईटीसी (2.6 फीसदी)।