नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मंगलवार को होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक से इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।
रिलायंस सिक्युरिटीज के शोध प्रमुख हितेश अग्रवाल ने कहा, शुक्रवार को शेयर बाजार में कारोबार समाप्त होने के बाद जारी चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के आंकड़ों पर बाजार अपनी प्रतिक्रिया सोमवार को दे सकता है।
बहरहाल, चौथी तिमाही के परिणामों से संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था में सुधार की गति धीमी रही है और चालू वित्त वर्ष 2015-16 की पहली छमाही भी चुनौतीपूर्ण रहेगी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। इस पृष्ठभूमि में और हाल के महीनों में मुद्रास्फीति के लगातार रिजर्व बैंक के अनुमानित दायरे में बने रहने के मद्देनजर 2 जून को होने वाली मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दर में कटौती की उम्मीद से बाजार धारणा को कुछ और समर्थन मिल सकता है।
मार्च में समाप्त तिमाही के दौरान 7.5 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि हासिल कर भारत ने दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि दर के मोर्चे पर चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अर्थव्यवस्था स्पष्ट रूप से 'सुधार के रास्ते पर' बढ़ रही है।
रेलिगेयर सिक्योरिटीज लिमिटेड के खुदरा वितरण विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा, चालू सप्ताह शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है, क्योंकि कारोबारी रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर नजर गड़ाए हैं, जो मंगलवार को आएगी और बाजार पहले ही रेपो दर में 25 आधार अंक (चौथाई प्रतिशत) कटौती को मानकर चल रहा है। व्यापक मोर्चे पर एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई और सेवा पीएमआई आंकड़े क्रमश: 1 और 3 जून को आएंगे।
उन्होंने कहा, वाहन कंपनियों के शेयर निवेशकों के केंद्र में होंगे, क्योंकि सोमवार को मई माह के बिक्री आंकड़े आएंगे। मॉनसून की प्रगति पर भी लोगों की नजर होगी, क्योंकि यह मौजूदा आर्थिक प्रगति के लिए काफी महत्वपूर्ण है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के लिए विदेशी निवेशकों के निवेश के रुख पर भी लोगों की करीबी नजर होगी। बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 129 अंक की गिरावट के साथ 27,828.44 अंक पर बंद हुआ।