खास बातें
- शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 181.83 अंक टूटकर 19,000 अंक से नीचे बंद हुआ।
मुंबई: बढ़ती मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे के उच्च स्तर को लेकर चिंतित रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में वृद्धि किए जाने से शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 181.83 अंक टूटकर 19,000 अंक से नीचे बंद हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ खुला और एक समय 19,340.99 अंक के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, आरबीआई द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में चौथाई-चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने से बाद में सेंसेक्स 181.83 अंक की गिरावट के साथ 18,969.45 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 55.85 अंक की गिरावट के साथ 5,687.40 अंक रह गया। कारोबार के दौरान यह एक समय दिन के उच्च स्तर 5,801.55 अंक पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक द्वारा चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत करने से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की आशंका बढ़ गई है। जापान के निक्केई को छोड़कर अन्य सभी एशियाई बाजारों के गिरावट के साथ बंद होने और यूरोपीय बाजारों के कमजोर रुख के साथ खुलने का भी घरेलू बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।