खास बातें
- तेल कंपनियों ने एक ही पते पर कई या फर्जी गैस कनेक्शन का पता लगाने के लिए मुहिम शुरू की है। इसके तहत वितरकों को केवाईसी फॉर्म जमा करने तथा उसका सत्यापन करने को कहा गया है।
नई दिल्ली: सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 'अपने ग्राहक को जानो' (केवाईसी) फॉर्म जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी है। पहले केवाईसी फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने एक ही पते पर कई या फर्जी गैस कनेक्शन (एलपीजी) का पता लगाने के लिए देश भर में मुहिम शुरू की है। इसके तहत घरेलू रसोई गैस वितरकों को केवाईसी फॉर्म जमा करने तथा उसका सत्यापन करने को कहा गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने केवाईसी के लिए समयसीमा 15 दिन बढ़ाकर 15 नवंबर करने का निर्णय किया है।
पिछले महीने सरकार ने सब्सिडीयुक्त रसोई गैस सिलेंडर प्रति परिवार हर साल छह रखने का निर्णय किया। इसी के तहत एक ही पते पर कई गैस कनेक्शनों का पता लगाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। अधिकारी ने कहा कि तेल कंपनियां एक घर, एक कनेक्शन की नीति का अनुपालन कर रही है। और ग्राहकों से स्वैच्छिक रूप से दूसरा कनेक्शन जमा करने को कहा है। एक ही नाम तथा पते पर कई गैस कनेक्शन तथा पति और पत्नी के नाम पर उसी पते पर अलग-अलग गैस कनेक्शन को काटा जाएगा।
अधिकारी ने कहा कि कुछ शर्तों के साथ परिवार के दूसरे सदस्यों को एलपीजी कनेक्शन हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। साथ ही संबंधित उपभोक्ता की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिजन द्वारा स्वयं घोषणा तथा मृत्यु प्रमाणपत्र देने पर उसके कानूनी वारिस को गैस कनेक्शन हस्तांतरित किया जा सकेगा। पूर्व में कानूनी वारिस या उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र देने की जरूरत होती थी। अधिकारी ने कहा कि सभी एलपीजी ग्राहक मार्च, 2013 को समाप्त हो रहे वित्तवर्ष की शेष अवधि में सब्सिडीयुक्त तीन गैस सिलेंडर प्राप्त करने के हकदार हैं।