LIC का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया LIC का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज से खुल गया है. सरकार विनिवेश की इस प्रक्रिया के जरिए 3.5% हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है. 66 साल पहले 1956 में LIC की शुरुआत हुई थी. इंश्योरेंस सेक्टर में LIC कितनी बड़ी कंपनी है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि आज देशभर में करीब 13 लाख एजेंटों का परिवार पॉलिसी बेचकर आए कमीशन पर ही चल रहा है. इसके एक लाख से ज्यादा कर्मचारी भी है. प्रीमियम में इसकी बाजार हिस्सेदारी 60% से ज्यादा है. ऐसे में आज हम यहां आपको LIC की कहानी बताने जा रहे हैं. साथ ही इसका और क्या-क्या कारोबार है इसके बारे में भी बताएंगे.
LIC कैसे अस्तित्व में आई
साल 1947 में अंग्रेजों के देश छोड़ने के बाद यहां की ज्यादातर आबादी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से कोसों दूर थी. ऐसे में जनता की आर्थिक सुरक्षा के लिए जीवन बीमा को सबसे अच्छा समाधान माना गया. लेकिन उस समय देश में कोई भी सरकारी कंपनी इंश्योरेंस सेक्टर में अस्तित्व में नहीं थी. केवल प्राइवेट कंपनियां ही इस क्षेत्र में काम कर रही थीं. प्राइवेट कंपनियों की पहुंच भी भारत की पूरी आबादी तक नहीं थी. ऐसे में 19 जून 1956 को संसद ने लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन एक्ट पारित कर देश में काम कर रहीं 245 प्राइवेट कंपनियों को टेकओवर कर लिया. इस तरह 1 सितंबर 1956 को LIC अस्तित्व में आई.
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50 लाख पॉलिसियों से शुरू हुआ सफर 20 करोड़ तक पहुंचा
प्राइवेट कंपनियों के टेकओवर की वजह से उस समय LIC के पास 50 लाख पॉलिसियां थीं और करीब 27 हजार कर्मचारी. आज LIC में 1.2 लाख कर्मचारी है और करीब 30 करोड़ बीमा पॉलिसियां. 1956 में LIC के के 5 जोनल ऑफिस, 33 डिविजनल ऑफिस और 209 ब्रांच ऑफिस थे. आज कंपनी के पास 8 जोनल ऑफिस, 113 डिविजनल ऑफिस और 2048 पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड ऑफिस हैं. इतना ही नहीं कंपनी के पास 1381 सैटेलाइट ऑफिस भी हैं. 1957 तक LIC का कुल बिजनेस करीब 200 करोड़ रुपए था जो आज यह 5.60 लाख करोड़ हो चुका है.
LIC का बिजनेस डायवर्सिफिकेशन
LIC के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन की बात करें तो LIC की IDBI बैंक में 49.24% हिस्सेदारी है. इसके अलावा LIC म्यूचुअल फंड ट्रस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, LIC म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड, LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, IDBI ट्रस्टशिप सर्विसेज लिमिटेड और LICHFL एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड इसकी एसोसिएट कंपनीज हैं.