यह ख़बर 08 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया जी के संपादकों को

खास बातें

  • कांग्रेस सांसद नवीन जिदंल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की वसूली के कथित प्रयासों के मामले में जी समूह के दो संपादकों को दिल्ली की एक अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया ताकि जांच अधिकारी उनको जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्र और उनके बेटे
नई दिल्ली:

कांग्रेस सांसद नवीन जिदंल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की वसूली के कथित प्रयासों के मामले में जी समूह के दो संपादकों को दिल्ली की एक अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया ताकि जांच अधिकारी उनको जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्र और उनके बेटे से रुबरु करा सकें।

मेट्रोपोटिलन मजिस्ट्रेट अंकित सिंगला ने आदेश दिया, ‘दो दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया जाता है।’ चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका दिल्ली पुलिस के नोटिस के बाद जांच में शामिल हुए।

अदालत ने छह दिसंबर को उन्हें 14 दिसंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी।

दिल्ली पुलिस ने अदालत में अर्जी दाखिल कर जी समूह के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की रिमांड की मांग की थी। दोनों संपादकों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।

दोनों संपादकों को 27 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और 30 नवंबर को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले दो दिन तक उनसे हिरासत में पूछताछ की गई।

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अतिरिक्त सरकारी अभियोजक राजीव मोहन ने जी के दोनों संपादकों की तीन दिन की और पुलिस रिमांड की मांग की। उन्होंने कहा, ‘पुलिस हिरासत के दौरान जी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड के एमडी पुनीत गोयनका को जांच में शामिल करने के प्रयास किए गए क्योंकि आपराधिक साजिश की तह में पहुंचने के लिए आरोपियों का सामना उनसे कराना था।’ अभियोजक ने कहा, ‘चूंकि अध्यक्ष और एमडी देश से बाहर थे इसलिए सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया गया।’