खास बातें
- भारत-जापान बाजारों को खोलने की वृहद आर्थिक भागीदारी करार पर 16 फरवरी को दस्तखत करेंगे। इससे दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
New Delhi: भारत और जापान अपने-अपने बाजारों को खोलने की वृहद आर्थिक भागीदारी करार पर 16 फरवरी को दस्तखत करेंगे। इससे दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार तेजी से आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल यह 10.4 अरब डॉलर का है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत 17 या 18 फरवरी को मलेशिया के साथ भी वृहद आर्थिक सहयोग करार पर दस्तखत करेगा। इन दोनों करारों के बाद इन देशों के बीच होने वाले व्यापार के तहत कम से कम 90 प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क घट जाएगा या पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अधिकारी ने कहा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा टोक्यो जाएंगे और वह संभवत: 16 फरवरी को इस समझौते पर दस्तखत करेंगे। इसके बाद वह कुआलालंपुर जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि जापान के साथ यह करार अप्रैल से लागू होने की उम्मीद है। जापान के साथ करार के बाद कपास, कपड़ा, सिलेसिलाए परिधान और समुद्री उत्पादों के भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा, वहीं जापान के इलेक्ट्रॉनिक्स और परिवहन उपकरण निर्यातकों को इसका लाभ मिलेगा। जापान के साथ सेपा पर बातचीत पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टोक्यो यात्रा के दौरान पूरी हुई थी। देश में वर्ष 2000 के बाद कुल 124 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। इसमें जापान का योगदान सिर्फ 4.6 अरब डॉलर का है।