खास बातें
- पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी के घर पर एक साल में 26 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। यानी उन्हें हर महीने औसतन दो से अधिक सिलेंडर मिले, जबकि उपभोक्ताओं को महीने में मुश्किल से एक सिलेंडर मिल पाता है।
नई दिल्ली: पेट्रोलियम पदार्थों पर बढ़ती सब्सिडी को लेकर चिंतित पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी के घर पर पिछले एक साल में 26 रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। यानी उन्हें हर महीने औसतन दो से अधिक सिलेंडर मिले, जबकि आम उपभोक्ताओं को महीने में मुश्किल से एक सिलेंडर ही मिल पाता है।
रेड्डी ने शुक्रवार को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति और कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए 'एलपीजी पोर्टल' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसी इंटरनेट पोर्टल से पेट्रोलियम मंत्री को जारी रिफिल सिलेंडरों की संख्या का पता लगा। रेड्डी ने हास-परिहास के अंदाज में कहा, इससे पता चलता है कि मेरी लोकप्रियता कितनी है।
तेल कंपनियां डीजल, मिट्टी तेल और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बिक्री उनकी आयात दर से कम दाम पर करती हैं। रसाई गैंस गैस सिलेंडर पर इस समय प्रति सिलेंडर करीब 400 रुपये की सब्सिडी है।
समारोह में उपस्थित इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला से जब पूछा गया कि पेट्रोलियम मंत्री के घर महीने में औसतन दो से अधिक सिलेंडर कैसे दिए गए, जबकि आम आदमी को 21 दिन से पहले सिलेंडर नहीं मिलता, तो उन्होंने कहा, ऐसा कोई नियम नहीं है कि 21 दिन से पहले रिफिल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने माना कि एलपीजी की उपलब्धता कम है, जिसकी वजह से प्रतीक्षा का समय बढ़ गया है।