खास बातें
- घरेलू विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देने की सरकार की योजना को लेकर विदेशी विमानन कंपनियों में मामूली उत्साह देखा गया है।
नई दिल्ली: घरेलू विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देने की सरकार की योजना को लेकर विदेशी विमानन कंपनियों में मामूली उत्साह देखा गया है।
यात्रियों की संख्या में ज्यादा और लगातार बढ़ोतरी के बावजूद ज्यादातर घरेलू विमानन कंपनियों की वित्तीय हालत खस्ता है जिसके कारण विदेशी विमानन कंपनियां फिलहाल निवेश के प्रति अनिच्छुक हैं।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की 68वीं सालाना बैठक में पिछले सप्ताह एकत्र हुए शीर्ष विमानन अधिकारियों ने कहा कि सख्त नियमन, सुधार की कमी और एयर इंडिया को सरकारी सहायता प्रतिस्पर्धा के आड़े आ रही है।
ब्रिटिश एयरवेज और आइबेरिया के स्वामित्व वाले इंटरनेशनल एयरलाइन्स समूह के मुख्य कार्यकारी विलि वाल्श ने कहा ‘‘हम यह (विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश की मंजूरी) पांच साल से सुन रहे हैं। भारत हमारे के लिए सेवा के लिए आकर्षक गंतव्य है लेकिन मुझे नहीं पता कि निवेश के लिए भी यह आकषर्क गंतव्य होगा या नहीं।’’ उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से भारत सरकार द्वारा एयर इंडिया को जारी वित्तीय सहायता प्रतिस्पर्धा बिगाड़ रही है।
वाल्श ने कहा ‘‘विमानन कंपनियों की वित्तीय व्यावहारिकता भारत में एक और समस्या है जो भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की अयोग्य विमानन कंपनियों को सहायता जारी रखने के कारण पैदा हुई है।’’ संयुक्त अरब अमीरात की विमानन कंपनी एमिरेट्स एयरलाइन्स के अध्यक्ष टिम क्लार्क ने कहा ‘‘कोई भी जो अब भारत को देखेगा यही कहेगा कि बड़े मुश्किल हालात हैं। एक फायदा है कि बड़े बाजार तक पहुंच होगी लेकिन इसे कर पाना बड़ा सवाल है।’’
उन्होंने कहा ‘‘ आप नागर विमानन क्षेत्र का दिवालिया होना बर्दाश्त नहीं कर सकते और भारत जैसे बड़े बाजार में बिल्कुल नहीं। आपको इसे कारगर बनाने का तरीका ढूंढना होगा।’’
इधर मलेशियाई बजट विमानन कंपनी एयर एशियाएक्स के मुख्य कार्यकारी अजरान उस्मान ने कहा ‘‘आपको बड़े सफेद हाथी एयर इंडिया पर ध्यान देना होगा।’’ उन्होंने कहा ‘‘यदि यह इसी तरह काम करती रही तो आप 100 फीसद विदेशी स्वामित्व को मंजूरी दे सकते हैं लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं देगा।’’ हालांकि वनवर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी ब्रूस ऐश्बाय ने अलग अंदाज में कहा कि संभव है कि कुछ विदेशी विमानन कंपनियां भारत में निवेश करें।
किसी समय बजट विमानन कंपनी इंडिगो के प्रमुख रहे ऐश्बाय ने कहा ‘‘हाल ही में हमने देखा कि विश्व भर में विदेशी विमानन कंपनियों ने अन्य देश की कंपनियों में पैसा लगाया है। ऐसा संभव है। लेकिन ऐसा कहते हुए किसी विशेष विमानन कंपनी का नाम मेरे दिमाग में नहीं है। निश्चित तौर पर यह संभव है क्योंकि हम अन्य जगहों पर ऐसा होते देख रहे हैं।’’