खास बातें
- इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कंपनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है।
बेंगलुरु: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कंपनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव बंसल ने कहा, रुपये मूल्य में हमारी समेकित आय साल-दर-साल आधार पर 13-17 फीसदी बढ़ सकती है और डॉलर मूल्य में यह 6-10 फीसदी रह सकती है, क्योंकि पहली तिमाही में रुपये में करीब 10 फीसदी अवमूल्यन हुआ है।
पिछले कारोबारी साल के लिए कंपनी ने डॉलर मूल्य में आय 7.4 अरब डॉलर दर्ज की, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.8 फीसदी अधिक है, जबकि रुपये मूल्य में 40,352 करोड़ रुपये दर्ज की, जो एक साल पहले के मुकाबले 19.6 फीसदी अधिक है। आलोच्य तिमाही में रुपया प्रति डॉलर 54.30 रुपये से गिरकर 59.39 प्रति डॉलर पर आ गया।
आय अनुमान बढ़ने से कंपनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर दोपहर बाद के कारोबार में लगभग 2.56 बजे 10.74 फीसदी तेजी के साथ 2,798 रुपये पर देखे गए। कंपनी के शेयर पिछले कुछ समय से गिरावट में चल रहे थे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसडी शिबूलाल ने एक बयान में कहा, अनिश्चित आर्थिक स्थिति, नियामकीय बदलाव और अस्थिर मुद्रा बाजार के बाद भी हमने पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया और साल के बचे हुए हिस्से में हम सतर्क और आशान्वित हैं। कंपनी ने शुक्रवार सुबह पहली तिमाही के परिणाम की घोषणा की। इंफोसिस ने पिछले वर्ष से आय वृद्धि का तिमाही अनुमान जारी करना बंद कर दिया है।
आलोच्य अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,374 करोड़ रुपये रहा, जो साल दर साल आधार पर 3.7 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही के मुकाबले 0.8 फीसदी कम है। समेकित आय हालांकि 11,267 करोड़ रुपये रही, जो साल-दर-साल आधार पर 17.2 फीसदी अधिक और पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8 फीसदी अधिक है।