खास बातें
- 20 अगस्त को समाप्त सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति दहाई अंक का आंकड़ा पार करके 10.05 फीसद पर पहुंच गई।
New Delhi: फल-सब्जियों तथा दूध, अंडा और मांस-मछली के दामों में और तेजी के चलते 20 अगस्त, 2011 को समाप्त सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति दहाई अंक का आंकड़ा पार करके 10.05 फीसद पर पहुंच गई। इससे पिछले सप्ताह यह 9.80 प्रतिशत के स्तर पर थी। पिछले साल इसी सप्ताह खाद्य मुद्रास्फीति 15 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी। 12 मार्च, 2011 के बाद यह पहला मौका है जब खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक में पहुंची है। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह में प्याज के दाम सालाना आधार पर 57.01 प्रतिशत बढ़े, जबकि आलू साल दर साल आधार पर 13.31 फीसद महंगा हुआ। सालाना आधार पर फलों के दाम 21.58 फीसद और सब्जियों के भाव में 15.78 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। अंडा और मांस, मछली के भाव 12.62 फीसद बढ़े, जबकि दूध और अनाज भी क्रमश: 9.22 और 4.64 महंगे हो गये। हालांकि, सालाना आधार पर सप्ताह के दौरान दालों की कीमतों में 4.16 फीसद की गिरावट आई, जबकि गेहूं भी करीब 2.52 फीसद सस्ता हुआ। इस दौरान प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति 12.93 फीसद रही, जो इससे पिछले सप्ताह 12.40 फीसद थी। थोक मूल्य सूचकांक में प्राथमिक वस्तुओं की हिस्सेदारी करीब 20 फीसद है। इसी प्रकार गैर-खाद्य वस्तुओं के खंड में, जिसमें फाइबर, तिलहन और खनिज आते हैं, की महंगाई घटकर 17.19 फीसद पर आ गई, जो पिछले सप्ताह के दौरान 17.80 फीसद थी। हालांकि आलोच्य सप्ताह में ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति में नरमी दर्ज की गई और यह 12.55 फीसद पर आ गयी, जो पिछले सप्ताह में 13.13 फीसद पर थी। विशेषज्ञों ने कहा है कि खाद्य मुद्रास्फीति का आंकड़ा चढ़ने से सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक पर फिर से दबाव बढ़ गया है। उल्लेखनीय है कि जून माह में कुल मुद्रास्फीति 9.22 फीसद पर थी। हालांकि रिजर्व बैंक महंगाई पर लगाम लगाने के लिए मार्च, 2010 से 11 नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर चुका है।