खास बातें
- डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल में मध्यरात्रि से की गई मूल्यवृद्धि से पहले से ही नौ प्रतिशत से ऊपर चल रही मुद्रास्फीति पर और दबाव बढ़ेगा।
नई दिल्ली: डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल में मध्यरात्रि से की गई मूल्यवृद्धि से पहले से ही नौ प्रतिशत से ऊपर चल रही मुद्रास्फीति पर और दबाव बढ़ेगा। आर्थिक शोध संस्था क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, इस मूल्यवृद्धि से मुद्रास्फीति में आधा से लेकर 0.60 प्रतिशत अंक तक की वृद्धि होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों में मूल्यवृद्धि की आशंका बनी हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार डीजल, केरोसीन और एलपीजी के दाम बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति दबाव बढ़ेगा और जून महीने की सकल मुद्रास्फीति 9.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। मई महीने में सकल मुद्रास्फीति 9.06 प्रतिशत रही है। जबकि खाद्य मुद्रास्फीति के 11 जून के ताजा आंकड़े के अनुसार यह 9.13 प्रतिशत पर पहुंच चुकी थी।