खास बातें
- पहले अमेरिका-भारत पश्चिम तटीय शिखर सम्मेलन में जुटे दोनों देशों के 300 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों ने दोनों देशों के बीच मौजूदा और भावी सहयोग में उपस्थित अपार सम्भावनाओं को रेखांकित किया है।
मेंलो पार्क: पहले अमेरिका-भारत पश्चिम तटीय शिखर सम्मेलन में जुटे दोनों देशों के 300 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों ने दोनों देशों के बीच मौजूदा और भावी सहयोग में उपस्थित अपार सम्भावनाओं को रेखांकित किया है।
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा सप्ताहांत में सिलिकॉन वैली में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के व्यापार और नीति से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया।
यूएसआईबीसी के अनुसार, 'बिल्डिंग ब्रिजेज, फोस्टरिंग इनोवेशन' शीर्षक वाला यह सम्मेलन भारत और अमेरिका के सम्बंधों पर असर डालने वाले अति महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर तथा प्रौद्योगिकी व उन्नयन, नवीकरणीय ऊर्जा तथा व्यापार व निवेश पर केंद्रित था।
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थान जो हासिल कर सकते हैं, भारत उसका एक शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा, "भारतीय लोकतंत्र को कम नहीं आका जा सकता।"
वॉल्ट डिज्नी इंटरनेशनल के चेयरमैन एंडी बर्ड ने कहा, "भारत में क्रिकेट, फिल्म और टेलीविजन सबकुछ है, इसलिए डिज्नी को कम से कम इन दोनों क्षेत्रों की सफलता में वहां शामिल होना पड़ा। इस तरह भारत में हमारी रणनीति मीडिया से प्रेरित रही है।"
बर्ड ने कहा, "रणनीति के हिस्से के रूप में हमने वहां मीडिया कम्पनियों का अधिग्रहण किया है। हम अभी भारत में चलना सीख रहे हैं, लेकिन जल्द ही हम जॉगिंग करना और दौड़ना शुरू कर देंगे और हम वहां एक बहुत ही उज्वल व रोमांचक भविष्य को लेकर उत्सुक हैं।"
इमर्जिग सोल्यूशन्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष और सिस्को सिस्टम्स के मुख्य वैश्वीकरण अधिकारी, विम एलफ्रिंक ने कहा, "सहयोग का ही भविष्य है।" उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि अगले 10 वर्ष में 10 करोड़ भारतीयों के शहरी बनने की सम्भावना है। उन्होंने कहा, "यह कहने की आवश्यकता नहीं कि अमेरिका और भारत के बीच सहयोग के लिए यह एक बड़ा अवसर है।"