खास बातें
- मालदीव को स्पष्ट संदेश देते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि वह 50 करोड़ डॉलर की जीएमआर माले हवाई अड्डा परियोजना में मुआवजे के सिलसिले में सभी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते हुए तथा सभी प्रासंगिक अनुबंधों एवं समझौतों का पालन होते हुए देखना चाहता है।
नई दिल्ली: मालदीव को स्पष्ट संदेश देते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि वह 50 करोड़ डॉलर की जीएमआर माले हवाई अड्डा परियोजना में मुआवजे के सिलसिले में सभी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते हुए तथा सभी प्रासंगिक अनुबंधों एवं समझौतों का पालन होते हुए देखना चाहता है।
सिंगापुर की एक अदालत ने व्यवस्था दी है कि मालदीव सरकार इस निजी फर्म से माले हवाई अड्डे का काम वापस ले सकती है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि मंत्रालय और माले स्थित भारतीय उच्चायोग फैसले का अध्ययन कर रहे हैं और उनके वकीलों को यह बात समझनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में दो हिस्से हैं-पहला किसी राष्ट्र का संप्रभु अधिकार और दूसरा, समझौते का कानूनी पक्ष ,जो जीएमआर और मलेशिया में उसकी सहयोगी कंपनियों के लिए मुआवजे से सम्बंधित है।
प्रवक्ता ने कहा कि आज के फैसले में इस दूसरे हिस्से के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।