यह ख़बर 13 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

कठिनाइयों के बावजूद भारत की वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहेगी : विश्व बैंक

खास बातें

  • विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि नीतिगत मोर्चे पर अनिश्चितता, राजकोषीय घाटे तथा महंगाई जैसी समस्याओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तवर्ष में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगी।
नई दिल्ली:

विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि नीतिगत मोर्चे पर अनिश्चितता, राजकोषीय घाटे तथा महंगाई जैसी समस्याओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्तवर्ष (2012-13) में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगी। हालांकि इसके साथ ही विश्व बैंक ने आगाह किया है कि विकासशील देशों को आने में वाले दिनों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

विश्व बैंक की रिपोर्ट 'वैश्विक आर्थिक संभावनाएं' में कहा गया है, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में 6.9 प्रतिशत रहेगी। 2013-14 में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत तथा 2014-15 में 7.4 प्रतिशत रहेगी।

विश्व बैंक ने 2011 में घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत की वृद्धि दर में कमी की वजह मौद्रिक नीति, सुधारों के ठहरने तथा बिजली की कमी की वजह से रही। इन कारणों के साथ राजकोषीय तथा महंगाई की चिंता से निवेश गतिविधियों में कमी आई।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। इससे पिछले दो वित्त वर्षों में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्तवर्ष में सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 में दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही, जो 2010 में 8.6 प्रतिशत रही थी। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से निर्यात में कमी तथा पोर्टफोलियो अंत:प्रवाह में कमी की वजह से ऐसी स्थिति बनी।