यह ख़बर 17 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

किसी भी संकट के लिए तैयार रहना होगा भारत को : प्रणब

खास बातें

  • वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि भारत हर कठिन हालात से निकलने में सक्षम होगा और कहा कि देश को किसी भी बाहरी झटके से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत है।
नई दिल्ली:

वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि भारत हर कठिन हालात से निकलने में सक्षम होगा और कहा कि देश को किसी भी बाहरी झटके से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत है।

मुखर्जी यहां उद्योग मंडल सीआईआई की सालाना आम बैठक तथा राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते तीन वित्त वष्रों की तरह भारत भविष्य में भी किसी भी हालात से सफलतापूर्वक निपट सकता है।

उन्होंने कहा, 'हालांकि इसके साथ ही हमें ध्यान रखना होगा कि आत्मसंतोष हमारा सबसे बड़ा दुश्मन साबित हो सकता है। हमें बाहरी झटकों के मुकाबले के लिए हमेशा तैयार रहना होगा और सामने आने वाले सभी मुद्दों का त्वरित (रीयल टाइम बेसिस) समाधान करना होगा।' उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय देशों में जारी सरकारी ऋण संकट के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालत में सुधार की गति कमजोर तथा अनिश्चित है।

उन्होंने कहा, 'हम मौजूादा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य से अभी हम अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सके हैं।' उन्होंने कहा कि देश में विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) में नरमी है जिसका असर शेयर बाजारों तथा रुपए की विनिमय दर में गिरावट के रूप में सामने आया है।

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मुखर्जी ने आर्थिक मोर्चे पर खराब प्रदर्शन के लिए औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्र के निराशाजनक प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'सारी चीजों को देखते हुए 2011-12 में 6.9 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर निराशाजनक है।'