सेमीकंडक्टर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली: भारत और जापान ने रक्षा उपकरण तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों के अलावा सेमीकंडक्टर जैसी अहम और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग की संभावना तलाशी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा जापान के उनके समकक्ष योशिमासा हयाशी ने मुक्त, स्वतंत्र एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने में भारत और जापान के बीच मजबूत तथा स्थायी साझेदारी की अहम भूमिका पर जोर दिया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने 2022-27 में भारत में पांच हजार अरब येन जापानी निवेश के लक्ष्य को हासिल करने की महत्ता पर भी जोर दिया. भारत-जापान रणनीतिक संबंधों की समीक्षा करने और इन्हें मजबूत करने के उद्देश्य से हयाशी के दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचने के कुछ घंटे बाद यह वार्ता हुई.
जयशंकर ने ट्वीट कर 15वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद में चर्चा को सार्थक तथा व्यापक बताया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की.
वार्ता से पहले जयशंकर ने ट्वीट किया कि जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी का नयी दिल्ली की सुहानी शाम में स्वागत है. उन्होंने कहा, ‘‘15वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता में समीक्षा होगी और हमारी विशेष रणनीति व वैश्विक साझेदारी का रास्ता तय होगा.''
पिछले पांच महीनों में हयाशी की यह दूसरी भारत यात्रा है.