खास बातें
- प्रधानमंत्री ने कहा कि लगता है एकसमान विश्व के लिए लड़ाई लंबी खिंचेगी क्योंकि धनी देश अपने हाथ में आई ताकत को आसानी से नहीं छोड़ना चाहते।
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख के पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि लगता है एकसमान विश्व के लिए लड़ाई लंबी खिंचेगी क्योंकि धनी देश अपने हाथ में आई ताकत को आसानी से नहीं छोड़ना चाहते। आईएमएफ प्रमुख पद के संभावित उम्मीदावार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, जिनके हाथ में ताकत होती है, वह उसे आसानी से नहीं छोड़ना चाहते। आईएमएफ प्रमुख का पद उसके पूर्व प्रमुख डेमिनिक स्ट्रास काह्न के त्यागपत्र देने के बाद खाली पड़ा है। प्रधानमंत्री ने अफ्रीका की यात्रा से लौटते हुए अपने साथ गए संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, आईएमएफ, विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित विभिन्न वैश्विक संस्थानों के प्रबंधन और बेहतर, संतुलित तथा अधिक समान विश्व के लिए, मुझे लगता है, लड़ाई लंबी खिंच सकती है। डॉ. सिंह ने उम्मीद जताई कि आईएमएफ प्रमुख के लिए सहमति बन जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत विभिन्न देशों के संपर्क में है। हालांकि, सिंह ने कहा कि यूरोप में यह इच्छा है कि आईएमएफ प्रमुख के पद पर कोई यूरोपीय ही बैठे क्योंकि इस बहुपक्षीय संस्थान का ज्यादा कोष इसी महाद्वीप में है जो यूरो क्षेत्र के तनाव से जूझ रहा है।