खास बातें
- बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत बढ़ाने और फिर घटाने को बीजेपी ने सियासी मुद्दा बना लिया है। पार्टी नेता अरुण जेटली ने कहा कि यह कांग्रेस की चाल है और चुनाव के बाद कीमतें फिर से बढ़ जाएंगी।
नई दिल्ली: बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत बढ़ाने और फिर घटाने को बीजेपी ने सियासी मुद्दा बना लिया है। पार्टी नेता अरुण जेटली ने कहा कि यह कांग्रेस की चाल है और चुनाव के बाद कीमतें फिर से बढ़ जाएंगी।
तेल कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर का दाम गुरुवार को 26.50 रुपये बढ़ाकर 922 रुपये कर दिया था लेकिन चुनावों के मद्देनजर सरकार ने इस फैसले को फिलहाल वापस लेने की घोषणा कर दी है। दो दिन बाद हिमाचल में वोटिंग और फिर गुजरात में भी वोटिंग का काम होना है। सरकार ने इस वृद्धि का असर वोटिंग पर पड़ने के डर से निर्णय वापसी का ऐलान किया है।
सरकार ने छह रियायती एलपीजी सिलेंडरों के बाद उपभोक्ताओं द्वारा लिए जाने वाले बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कीमत 26.50 रुपये बढ़ाने के फैसले पर कड़े विरोध के बाद गुरुवार रात रोक लगा दी।
एक तेल कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने इसकी वजह बताए बिना कहा, ‘‘दामों में वृद्धि पर रोक लगा दी गई है।’’ बिना सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में की गई ताजा वृद्धि को वापस ले लिया गया है और अब यह पुरानी दरों पर उपलब्ध होगा।
अधिकारी ने कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में वृद्धि का फैसला यथावत रहेगा।
इससे पहले, दिन में छह रियायती सिलेंडरों के बाद गैररियायती सिलेंडर की कीमत 26.50 रुपये बढ़ाकर 922 रुपये करने का फैसला किया गया था।
सुबह कीमत में वृद्धि की गयी थी और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने की वजह बताया गया था। सरकार ने सितंबर में सरकारी सहायता प्राप्त सस्ते सिलेंडर की आपूर्ति प्रति परिवार छह सिलेंडर पर सीमित कर दी थी। दिल्ली में इस रियायती सिलेंडर का दाम 410.42 रुपये है।
(इनपुट भाषा से भी)