नई दिल्ली: वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर परिणाम से उसकी साख को मापने संबंधी गणित में सुधार होगा लेकिन पूंजीगत व्यय पर अधिक नकदी निकासी से उसकी रेटिंग में अड़चन आयेगी. मूडीज का कहना है कि कंपनी की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो के पास बेशक देश में चौथा बड़ा ग्राहक आधार है और उसके 18.66 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं लेकिन उसका प्रति ग्राहक औसत राजस्व जनवरी-मार्च तिमाही में घटकर 137 रुपये रह गया जो कि इससे पिछले साल की तिमाही में 154 रुपये था.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बारे में इश्यूर टिप्पणी में रेटिंग एजेंसी ने कहा है, ‘‘हमारी उम्मीद के मुताबिक रिलायंस जियो इंफोकॉम (आरजेआईएल) का मुक्त नकद प्रवाह नकारात्मक बना रहेगा. ’’
मूडीज का कहना है कि बेशक 31 मार्च 2018 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध रिण एक साल पहले के 1,19,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,40,700 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है , कंपनी के रिण मापन गणित में सुधार आया है. रेटिंग एजेंसी के मुताबिक कंपनी के ऊर्जा वर्ग में कमाई अधिक होने से उसकी साख मापक गणित में सुधार आया है.
मूडीज के मुताबिक रिलायंस की बीएए 2 रेटिंग बेहतर स्थिति में है. इसमें रेटिंग उन्नयन के लिये सकारात्मक फ्री कैश फ्लो की जरूरत होगी.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के गत सप्ताह जारी 31 मार्च 2018 को समाप्त वित्त वर्ष के चौथी तिमाही परिणाम में परिचालन मुनाफा पहली बार 20,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया. पूरे वित्त वर्ष के लिये कंपनी का परिचालन मुनाफा 34 प्रतिशत बढ़कर 74,200 करोड़ रुपये हो गया.