उत्सर्जन घटाने, माइलेज बढ़ाने के लिए नई प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रही मारुति

उत्सर्जन कटौती के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कंपनी ने कहा कि उसने अपने पूरे बेड़े में भारांश औसत सीओ-2 उत्जर्सन करीब 19 प्रतिशत तक घटाया है.

उत्सर्जन घटाने, माइलेज बढ़ाने के लिए नई प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रही मारुति

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया अपने वाहनों में उत्सर्जन घटाने तथा ईंधन दक्षता बढ़ाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. कंपनी ने कहा कि वह 2007-08 से करीब एक दशक में अपने सभी वाहनों के बेड़े पर सीओ-2 उत्सर्जन के भारांश औसत में करीब 19 प्रतिशत कटौती करने में सफल रही है. मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक (इंजीनियरिंग) सी वी रमन ने एक बयान में कहा कि आगे चलकर हम नई प्रौद्योगिकियों पर निवेश जारी रखेंगे और हमारी कारों की ईंधन दक्षता बढ़ाकर प्रति वाहन उत्सर्जन में कमी की क्षमता को मजबूत करेंगे. मौजूदा इंजन और ट्रांसमिशन में सुधार के अलावा मारुति सुजुकी नई पीढ़ी के हल्के प्लेटफॉर्म पर भी ध्यान केंद्रित करेगी. मसलन हार्टेक्ट आदि. इसी पर बलेनो और नई डिजायर मॉडल आधारित हैं.

कंपनी का कहना है कि इससे वह अधिक सुरक्षित और ईंधन दक्ष वाहन पेश कर पाएगी. रमन ने कहा, ‘‘हम प्लेटफॉर्म रणनीति पर काम कर रहे हैं और उनको तर्कसंगत बना रहे हैं जिससे बेहतर ईंधन दक्षता तथा बेहतर प्रदर्शन के जरिये ग्राहकों को अच्छा मूल्य उपलब्ध कराया जा सके. उत्सर्जन कटौती के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कंपनी ने कहा कि उसने अपने पूरे बेड़े में भारांश औसत सीओ-2 उत्जर्सन करीब 19 प्रतिशत तक घटाया है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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