खास बातें
- वैश्विक मौद्रिक स्थिति में सुधार और सरकार की नीतिगत सुधार की पहलों की उम्मीद के बीच अगस्त में विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 11 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जो पिछले छह महीने का उच्चतम स्तर है।
नई दिल्ली: वैश्विक मौद्रिक स्थिति में सुधार और सरकार की नीतिगत सुधार की पहलों की उम्मीद के बीच अगस्त में विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 11 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जो पिछले छह महीने का उच्चतम स्तर है।
बाजार नियामक सेबी के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 48,136 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि 37,332 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उन्होंने कुल 10,803 करोड़ रुपये का निवेश किया।
यह फरवरी 2012 के बाद एफआईआई द्वारा शेयर बाजार में किया गया सबसे अधिक निवेश है। फरवरी में उन्होंने बाजार में 25,212 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई में उन्होंने शेयर बाजार में 10,273 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी और उच्च ब्याज दर प्रणाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने इस उम्मीद में भारतीय शेयरों में निवेश जारी रखा कि सरकार सुधार की ताजा पहल करेगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व व यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति उदार बनाएगा।
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’