खास बातें
- बढ़ते लागत खर्च व ऊंची खाद्य महंगाई दर से विनिर्माण और अन्य क्षेत्र के प्रभावित होने की संभावना से 6 महीनों में मंदी का माहौल देखा जा सकता है।
New Delhi: बढ़ते लागत खर्च और ऊंची खाद्य महंगाई दर से विनिर्माण और अन्य क्षेत्र के प्रभावित होने की संभावना के कारण अगले छह महीनों में औद्योगिक क्षेत्र में मंदी का माहौल देखा जा सकता है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने मंगलवार को अपना व्यवसाय विश्वास सर्वेक्षण (बिजनेस कनफिडेंस सर्वे) जारी किया, जिसके मुताबिक अगले छह महीनों में उद्योग जगत में मंदी का माहौल देखा जा सकता है। बजट से पहले विश्वास सूचकांक में 63.8 अंक हासिल हुआ है, जो पिछले साल 76.2 था। सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली 296 कंपनियों में 93 फीसदी ने बढ़ते लागत खर्च को चिंता का कारण बताया और ऊंची खाद्य महंगाई दर से दूसरे कारोबारी क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका जताई। करीब 53 कंपनियों ने कहा कि वे अपने उत्पादों की मौजूदा कीमत को बरकरार नहीं रख पाएंगे और अगले छह महीनों में इसे बढ़ाने पर मजबूर होंगे। इसके साथ ही 53 फीसदी कंपनियों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगातार ब्याज दरों के बढ़ाने का भी उद्योग जगत पर नकारात्मक असर पड़ा है, क्योंकि बैंकों की ब्याज दरें भी ऊंची हो गई हैं। औद्योगिक संस्था ने केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी से अनुरोध किया है कि मंदी से बचने के लिए वे राहत योजना को जारी रखें और अगले बजट में उत्पाद शुल्क को न बढ़ाएं। फिक्की ने महंगाई से प्रभावित आम आदमी को राहत देने के लिए भी कुछ राहत देने और ईंधन की बढ़ती कीमत पर रोक लगाने के लिए कर ढांचे में भी कुछ सुधार करने का अनुरोध किया।