खास बातें
- भारत में 2010 कैलेंडर वर्ष में 21 अरब डॉलर मूल्य का एफडीआई हुआ जो पूर्व वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत कम है।
New Delhi: भारत में 2010 कैलेंडर वर्ष में 21 अरब डॉलर :96,104 करोड़ रुपये: मूल्य का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: हुआ जो पूर्व वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत कम है। उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2009 में एफडीआई 27 अरब डॉलर :27,044: करोड़ रुपये रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में नरम सुधार को देखते हुए विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाए रखा जिसका असर बीते साल भारत में एफडीआई प्रवाह पर देखा गया। एक अर्थशास्त्री ने कहा, वैश्विक स्तर पर, विशेषकर यूरोप में आर्थिक सुधार कमजोर है। मेरे विचार में इसका असर भारत में एफडीआई पर है। इसके अलावा प्रक्रियात्मक देरी भी इसमें बाधा हो सकती है। विदेशी निवेश प्रवाह में कमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक एक समिति गठित करने पर विचार कर रहा है जो इस गिरावट के कारणों का पता लगाएगी तथा उपाय सुझाएगी। मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल दिसंबर अवधि में एफडीआई में 23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 16.03 अरब डॉलर रहा जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 20.86 अरब डॉलर था।