यह ख़बर 28 नवंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एफडीआई पर शर्मा ने राजनीतिक दलों को लिखी चिट्ठी

खास बातें

  • केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने राजनीतिक दलों से कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों की 'आजीविका की चिंताओं' के प्रति संजीदा है।
नई दिल्ली:

एकल-ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 फीसदी और बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति के फैसले पर उठे विवाद को दूर करने के एक प्रयास के तहत केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को राजनीतिक दलों से कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों की 'आजीविका की चिंताओं' के प्रति संजीदा है। इस मसले पर जारी गतिरोध के बीच शर्मा ने खुदरा कारोबार में एफडीआई का विरोध करने वाले राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं सहित वरिष्ठ राजनीतिज्ञों को सम्बोधित पत्र में शर्मा ने कहा, "मैंने महसूस किया है कि इस मसले पर कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं को दूर करना मेरा कर्तव्य है। इस नीति को बनाते समय हम लाखों छोटे खुदरा कारोबारियों की आजीविका की चिंताओं के प्रति जागरूक थे।" शर्मा ने अपना पत्र लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वाम पंथी नेताओं सीताराम येचुरी, डी. राजा, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के टीआर बालू सहित अन्य को भेजा है। इनके अलावा शर्मा ने एफडीआई का विरोध करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा के नवीन पटनायक, तमिलनाडु की जे. जयललिता, उत्तर प्रदेश की मायावती और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी भेजा है।


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