यह ख़बर 04 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया में सुधार की जरूरत : मोंटेक

खास बातें

  • अहलूवालिया ने कहा पारदर्शिता हमेशा ही बढ़ाने की जरूरत होती है, और जहां तक मेरा मानना है कि पिछले समय में यह ज्यादा नहीं रही है।'
New Delhi:

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने सोमवार को कहा कि देश में विभिन्न परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। एक टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में अहलूवालिया ने कहा इसे :पारदर्शिता: हमेशा ही बढ़ाने की जरूरत होती है, और जहां तक मेरा मानना है कि पिछले समय में यह ज्यादा नहीं रही है। मेरा मानना है कि चाहे आप इसे पारदर्शिता कहें या फिर दक्षता कहें, सिस्टम में काफी कुछ सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, मोंटेक सिहं अहलूवालिया देश में अधिक प्रभावी पर्यावरण संरक्षण योजना के पक्ष में है, लेकिन इसके बारे में स्थिति पहले से ही काफी कुछ स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंजूरी के मामले में पुराने समय में प्रणाली ज्यादा पारदर्शी नहीं थी और न ही इसका क्रियान्वयन प्रभावी रहा है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि भविष्य में हमें इस क्षेत्र में पूरी तरह पारदर्शिता अपनानी चाहिे। अहलूवालिया ने कहा कि एक ऐसी स्थापित प्रणाली होनी चाहिये जिसमें कुछ निश्चित अवधि में पर्यावरण नियमों के पालन के मामले में उद्योगों की निगरानी होनी चाहिए। परियोजनाओं के मामले में पर्यावरण मंत्रालय के अड़ंगे के चलते इससे पहले योजना आयोग उपाध्यक्ष ने पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की आलोचना करते हुये कहा था कि खनन परियोजनाओं के निषेध मामले में सोच समझकर परिभाषा बनाई जानी चाहिए। इसके जो भी मानदंड तय हों उसके पीछे वैज्ञानिक आधार होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि इनमें लचीलापन होना चाहिए।


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