कैश की परेशानी से बचने के लिए अब खुदरा व्यापारी भी अपना रहे हैं कैशलेस सुविधा

कैश की परेशानी से बचने के लिए अब खुदरा व्यापारी भी अपना रहे हैं कैशलेस सुविधा

सब्जीवाले कैशलेस हुए, इस्तेमाल कर रहे ऐप...

अहमदाबाद:

रिटायर्ड सरकारी अधिकारी जगदीशभाई अपने पास के सब्जीवाले के यहां सब्जी खरीदने गये हैं. गोभी, ककड़ी जैसी सब्जियां खरीदी हैं. वैसे आजकल कैश खर्च करना मुश्किल है लेकिन जगदीशभाई बेफिक्र होकर खरीददारी करते हैं. वह और उनका सब्जीवाला दोनों ही कैशलेस हो गये हैं. 370 रुपये की खरीदी भी डेबिट कार्ड से भुगतान करते हैं जगदीशभाई.

नोटबंदी से छोटे व्यापारियों को ज्यादा नुकसान हुआ लेकिन इस सब्जीवाले की तरह कई लोग स्वाइप मशीन लगवाकर वैकल्पिक रास्ते अपना रहे हैं ताकि नुकसान की भरपाई हो सके. सब्जीवाला अमित कहता है कि नोटबंदी से नुकसान बहुत हुआ. लोगों के पास कैश नहीं था तो शुरुआत में कम लोग ही खरीदी करने आये. हमारे धंधे पर भी खासा असर हुआ तो जल्द ही रास्ता निकाल लिया. स्वाइप मशीन की नई सुविधा से थोड़ी राहत मिली है.

बैंक भी जहां लोगों की भीड़ से जूझ रहे थे वो भी लोगों को इस तरह के कैशलेस व्यवस्था अपनाने के लिए उत्साहित कर रहे हैं. यही वजह है कि मार्केट में कार्ड स्वाइप मशीन की बिक्री धडल्ले से बढ़ रही है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एग्जेक्यूटिव ग्लोरिया मसीह ने बताया कि उनके स्वाइप मशीन की बिक्री में पिछले 15 दिनों में ही 50 से 60 प्रतिशत की बढोतरी हुई है. सिर्फ स्वाइप मशीन ही नहीं, ऑनलाइन पेमेन्ट की ऐप भी पॉप्युलर हो रही हैं.

अहमदाबाद के जजीस बंगलो इलाके में जहां बहुत कम खुदरे से काम चल जाता है वैसे एक पान की दुकानवाले ने भी पेटीएम सुविधा अपनाई है. जहां कम खर्चवाली जगहों पर लोग अब भी कैश का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं वहीं इस तरह खुदरा व्यापारीयों के भी ऑनलाइन पेमेन्ट की सुविधा अपनाने से मुश्किलें थोड़ी कम तो जरूर होंगी.


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