खास बातें
- इन्फोसिस के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक एन आर नारायण मूर्ति ने रविवार को कहा कि सरकार एक साल से अधिक समय से साफ्टवेयर निर्यात की परिभाषा को स्पष्ट करने में विफल रही है।
बेंगलूर: इन्फोसिस के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक एन आर नारायण मूर्ति ने रविवार को कहा कि सरकार एक साल से अधिक समय से साफ्टवेयर निर्यात की परिभाषा को स्पष्ट करने में विफल रही है। इससे अब उद्योग में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।
नीतिगत मोर्चे पर खामियों का एक तरह से जिक्र करते हुए मूर्ति ने कहा कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी पर उन्हें काफी भरोसा है। ‘‘वह एक शानदार मंत्री और शानदार व्यक्ति हैं।’’ इसके साथ ही मूर्ति ने कहा कि अब एक साल से अधिक हो गया है जब हमने साफ्टवेयर निर्यात की परिभाषा स्पष्ट किए जाने को कहा था। विभिन्न कारणों से अधिकारी इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इसकी वजह से 70 अरब डालर का निर्यात करने वाले साफ्टवेयर एवं सेवा उद्योग के समक्ष असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि प्रणव मुखर्जी जैसे असाधारण व्यक्ति यह सुनिश्चित करेंगे कि इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सके।’’ पिछले साल संसद को सूचित किया गया कि आयकर विभाग ने साफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलाजीज को गलत तरीके से कर छूट के मामले में 450 करोड़ रुपये का नोटिस दिया है। इन्फोसिस को यह नोटिस ‘ऑनशोर’ सेवाओं को साफ्टवेयर निर्यात घोषित करने की वजह से दिया गया था।
ऑनशोर साफ्टवेयर विकास के तहत भारतीय कंपनियां अपने साफ्टवेयर इंजीनियरों को 3 से 6 माह की छोटी अवधि के लिए यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों में कंपनियों में भेजती हैं।