यह ख़बर 29 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सीआरआर में कटौती होने पर घट सकती है ब्याज दर : स्टेट बैंक

खास बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती से बैंकों की ब्याज दरों में कमी आ सकती है।
बैंगलूर:

भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती से बैंकों की ब्याज दरों में कमी आ सकती है।

स्टेट बैंक के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने संवाददाताओं से कहा ‘‘रिजर्व बैंक जितनी अधिक सीआरआर में कटौती करेगा उतना ही बैंकों को ब्याज दरों में कमी लाने का अवसर मिलेगा।’’ रिजर्व बैंक ने इससे पहले 9 मार्च को बैंकों के सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की कटौती की थी जिसके बाद सीआरआर घटकर 4.75 प्रतिशत रह गया। इससे पहले जनवरी में भी रिजर्व बैंक ने आधा प्रतिशत सीआरआर घटाया था।

रिजर्व बैंक की मध्यतिमाही समीक्षा 18 जून को जारी होगी।

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चौधरी ने कहा कि स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के सीआरआर कम करने के बाद कार और शिक्षा रिण पर ब्याज कम किया है। बैंक लघु इकाइयों को दिये जाने वाले कर्ज पर भी ब्याज दर में भारी कमी कर रहा है।