खास बातें
- सरकार ने गुरुवार को 2011-12 के लिए देश की विकास दर में नकारात्मक संशोधन कर इसे 6.2 फीसदी कर दिया, जिसे पहले 6.5 फीसदी रखा गया था।
नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार को 2011-12 के लिए देश की विकास दर में नकारात्मक संशोधन कर इसे 6.2 फीसदी कर दिया, जिसे पहले 6.5 फीसदी रखा गया था।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश का सकल घरेलू उत्पादन 2011-12 के लिए (2004-05) के स्थिर मूल्य की फैक्टर लागत पर 52,43,582 करोड़ रुपये मूल्यांकित किया गया है, जो 2010-11 के लिए मूल्यांकित 49,37,006 करोड़ रुपये से 6.2 फीसदी अधिक है। 2010-11 में 9.3 फीसदी विकास दर दर्ज की गई थी।
आलोच्य कारोबारी वर्ष के लिए यह पहला संशोधित अनुमान है। पहले सीएसओ ने 6.5 फीसदी विकास दर का अनुमान जाहिर किया था।
मुद्रा मूल्य पर 2011-12 का सकल घरेलू उत्पादन 83,53,495 करोड़ रुपये मूल्यांकित किया गया है, जो 2010-11 के 72,66,967 करोड़ रुपये से 15 फीसदी अधिक है। 2010-11 में इस आधार पर 19 फीसदी विकास दर रही थी।
सीएसओ ने कहा, "वित्तीय, बीमा, रियल एस्टेट, कारोबारी सेवा, परिवहन, भंडारण और संचार, बिजली, गैस और जलापूर्ति और व्यापार, होटल तथा रेस्तरां में विकास के कारण 2011-12 में जीडीपी विकास दर 6.2 फीसदी दर्ज की गई।"
स्थिर मूल्य के आधार पर कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में 7.9 फीसदी विकास दर रही।