यह ख़बर 16 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मकानों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद धूमिल हुई : क्रेडाई

खास बातें

  • रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने पर रीयल एस्टेट उद्योग ने कहा कि कर्ज महंगा होने से लोगों का मकान खरीदने का सपना धूमिल हो गया है।
New Delhi:

महंगाई दर पर काबू पाने की रिजर्व बैंक की कोशिश के तहत नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उसकी पहल पर निराशा जताते हुए रीयल एस्टेट उद्योग ने कहा कि कर्ज महंगा होने से लोगों का मकान खरीदने का उसका सपना धूमिल हो गया है। रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा कि वस्तुओं की आपूर्ति में जब तक सुधार नहीं किया जाता, रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदमों का मुद्रास्फीति पर मामूली असर होगा। उन्होंने कहा कि आम तौर पर त्यौहारों के मौसम में मकानों की बिक्री बढ़ती है पर ब्याज दरें बढ़ने से डेवलपरों और खरीदारों के लिए ऋण महंगा होता जा रहा है, जिससे हमें आगामी त्यौहारी सीजन में बिक्री में तेजी की संभावना धूमिल लगती है। उन्होंने कहा कि निर्माण लागत बढ़ने से कारोबारी माहौल बहुत जटिल हो गया है। जैन ने कहा कि रीयल एस्टेट डेवलपर के तौर पर हमारे पास इस बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं।


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