खास बातें
- खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति एक जनवरी को 16.91 प्रतिशत थी। सामान्य मानसून होने के बावजूद चालू वर्ष में मुद्रास्फीति काफी ऊंची बनी हुई है।
नई दिल्ली: उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि भारत और उसके पड़ोसी देशों को मांग और आपूर्ति के असंतुलन से उबरने के लिए खराब होने वाली सामग्रियों के आयात और निर्यात के लिए एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। सीआईआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 10 सूत्री सिफारिशों को सुझाया है। उसने कहा, खराब होने वाली सामग्रियों के आयात-निर्यात के लिए भारत और पड़ोसी देशों के बीच एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर होना चाहिए। सीआईआई का कहना है कि यह एक विश्वास बहाली का उपाय होगा तथा भारत और पड़ोसी देशों के बीच एक ही सामग्री की मांग आपूर्ति की चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति एक जनवरी को 16.91 प्रतिशत थी। सामान्य मानसून होने के बावजूद चालू वर्ष में मुद्रास्फीति काफी ऊंची बनी हुई है। सीआईआई ने कहा कि मुद्रास्फीति की पुनरावृति गहरे ढांचागत समस्याओं की वजह से है इसलिए अल्पावधि में सरकार को कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क और विभिन्न शुल्कों को कम कर देना चाहिए।